Trending News

PM fasal Bima Yojana 2024-25: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कैसे करें आवेदन? कैसे पाए लाभ

Written by Trending News

PM fasal Bima Yojana 2024-25: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कैसे करें आवेदन? कैसे पाए लाभ

PM FASAL BIMA YOJANA

PM FASAL BIMA YOJANA

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कितना पैसा मिलता है?

PM fasal Bima Yojana 2024-25: पीएम फसल बीमा योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना यह योजना भारत के किसानों को एक आर्थिक मदद के रूप में चलाई जा रही है जो प्राकृतिक आपदाओं के कारण उनकी फसल को क्षति पहुंचती थी जिसके कारण कुछ किसान अपने कृषि व्यवसाय को लेकर चिंतित थे और जिनका कृषि में फसल खराब हो जाने से भारी नुकसान होता है उसके लिए फसल बीमा योजना चलाई गई थी प्रधानमंत्री जी के द्वारा पीएम फसल बीमा योजना भारतीय किसानों का देश है, जहां अधिकांश ग्रामीण आबादी कृषि पर निर्भर है। 13 जनवरी 2016 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वह किसानों को है जो अपनी खेती के लिए ऋण लेते हैं और खराब मौसम से उनकी रक्षा करने के लिए इसे प्रीमियम की भार कम करने में मदद करेगी।

बीमा दावों की प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए निर्णय लिया गया है ताकि किसान इस योजना के संदर्भ में किसी भी परेशानी का सामना न करें। यह योजना भारत के हर राज्य में संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर लागू की जाएगी, और इसका प्रबंधन कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया जाएगा।

योजना के उद्देश्य (objectives of the plan)

  1. प्राकृतिक आपदाओं, कीटों, और रोगों के कारण हुई अधिसूचित फसल की हानि की स्थिति में किसानों को बीमा कवरेज और वित्तीय सहायता प्रदान करना।
  2. किसानों की आय को स्थिर करने के लिए कृषि में सतत प्रक्रिया सुनिश्चित करना।
  3. किसानों को नवाचार और आधुनिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
  4. कृषि क्षेत्र में ऋण के प्रवाह को सुनिश्चित करना।
योजना के तहत शामिल होने वाले प्रमुख बिंदु

किसानों का कवरेज- योजना में शामिल होने वाले सभी किसानों के लिए कवरेज, विशेषत: अधिसूचित क्षेत्रों में उगानेवाले पट्टेदार/जोतदार किसानों को।

आवश्यक दस्तावेज़: राज्य में प्रचलित भूमि रिकार्ड अधिकार, भूमि कब्जा प्रमाण पत्र, आदि के दस्तावेज़ों को प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।

अनिवार्य आच्छादन: मौसमी कृषि कार्यों के लिए ऋण लेने वाले किसानों को अनिवार्यतः आच्छादित होना चाहिए।

स्वैच्छिक योजना: योजना गैर ऋणी किसानों के लिए वैकल्पिक है।

A. अनुसूचित जाति/जनजाति/महिला किसानों की कवरेज: इसे सुनिश्चित करने के लिए कि अनुसूचित जाति/जनजाति/महिला किसानों को अधिकतम कवरेज मिले।किसानों की कवरेज

अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों की खेती करने वाले पट्टेदार/जोतदार किसानों के साथ, सभी किसानों को योजना के अंतर्गत कवरेज प्राप्त होगी। गैर ऋणी किसानों को राज्य में प्रचलित भूमि रिकार्ड अधिकार (आरओआर), भूमि कब्जा प्रमाण पत्र (एल पी सी) आदि के आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करना आवश्यक है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा अनुमति प्राप्त करने के लिए अधिसूचित लागू अनुबंध, समझौते के विवरण आदि जैसे अन्य संबंधित दस्तावेज़ भी आवश्यक हैं।

👇👇👇👇

पीएम फसल बीमा योजना का ऐप डाउनलोड करें

इस योजना के अंतर्गत अनिवार्य रूप से मौसमी कृषि कार्यों (एस ए ओ) के लिए ऋण लेने वाले सभी किसानों को राज्य में प्रचलित होने वाली आवश्यकता है। स्वैच्छिक रूप से ऋण लेने वाले गैर ऋणी किसानों के लिए योजना वैकल्पिक होगी। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला किसानों की अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किया जाएगा। इसके अंतर्गत, बजट आबंटन और उपयोग राज्य के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/सामान्य वर्ग द्वारा भूमि भूमि-धारण के अनुपात में किया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) को कार्यान्वयन एवं फसल बीमा योजनाओं पर किसानों की प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए शामिल किया जा सकता है।

क्रियान्वयन एजेंसी (implementing agency)

बीमा कंपनियों के कार्यान्वयन पर समग्र नियंत्रण कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत किया जाएगा।

मंत्रालय द्वारा नामित पैनल में शामिल एआईसी और कुछ निजी बीमा कंपनियॉ वर्तमान में सरकार द्वारा प्रायोजित कृषि, फसल बीमा योजना में भाग लेंगी। निजी कंपनियों का चुनाव राज्यों के उपर छोड़ दिया गया है। पूरे राज्य के लिए एक बीमा कंपनी होगी।

 

कार्यान्वयन एजेंसी का चुनाव तीन साल की अवधि के लिए किया जा सकता है, तथापि राज्य सरकार/केन्द्र शासित प्रदेश तथा संबंधित बीमा कंपनी यदि प्रासंगिक हो तो शर्तों पर फिर से बातचीत करने के लिए स्वतंत्र हैं। यह बीमा कंपनियों को किसानों के बीच सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों में प्रीमियम बचत से निवेश करने के माध्यम से विश्वसनीयता स्थापित करने के लिए सुविधा प्रदान करेगा।

पीएम फसल बीमा से संबंधित सभी जानकारी जानने के लिए इस ऐप को डाउनलोड करें

PM FASAL BIMA YOJANA

PM FASAL BIMA YOJANA

डाउनलोड करें

राज्य में योजना के कार्यक्रम की निगरानी के लिए संबंधित राज्य की मौजूदा फसल बीमा पर राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCCCI) जिम्मेदार होगी। हालांकि कृषि सहयोग और किसान कल्याण विभाग (डीएसी और परिवार कल्याण) के संयुक्त सचिव (क्रेडिट) की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय स्तर की निगरानी समिति (NLMC) राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना की निगरानी करेगी।

निम्नलिखित निगरानी उपायों का पालन प्रस्तावित है

किसानों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक फसली मौसम के दौरान प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निम्नलिखित निगरानी उपायों का पालन प्रस्तावित है:

  1. नोडल बैंकों के बिचौलिये आगे मिलान के लिए बीमित किसानों (ऋणी और गैर-ऋणी दोनों) की सूची अपेक्षित विवरण जैसे नाम, पिता का नाम, बैंक खाता नंबर, गांव, श्रेणी – लघु और सीमांत समूह, महिला, बीमित होल्डिंग, बीमित फसल, एकत्र प्रीमियम, सरकारी सब्सिडी आदि सॉफ्ट कॉपी में संबंधित शाखा से प्राप्त कर सकते हैं। इसे ई मंच तैयार हो जाने पर ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
  2. संबंधित बीमा कंपनियों से दावों की राशि प्राप्त करने के बाद, वित्तीय संस्थाओं/बैंकों को एक सप्ताह के भीतर दावा राशि लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरण कर देना चाहिए। इसे किसानों के खातों में बीमा कंपनी द्वारा सीधे ऑनलाइन हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
  3. PM FASAL BIMA YOJANA

    PM FASAL BIMA YOJANA

    3. लाभार्थियों की सूची (बैंकवार एवं बीमित क्षेत्रवार) फसल बीमा पोर्टल एवं संबंधित बीमा कंपनियों की वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकता है।

  4. करीब 5% लाभार्थियों को क्षेत्रीय कार्यालयों/बीमा कंपनियों के स्थानीय कार्यालयों द्वारा सत्यापित किया जा सकता है जो संबंधित जिला स्तरीय निगरानी समिति (DLMC) और राज्य सरकार/फसल बीमा पर राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCCCI) को प्रतिक्रिया भेजेंगें।
  5. बीमा कंपनी द्वारा सत्यापित लाभार्थियों में से कम से कम 10% संबंधित जिला स्तरीय निगरानी समिति (DLMC) द्वारा प्रतिसत्यापित किए जायेंगें और वे अपनी प्रतिक्रिया राज्य सरकार को भेजेंगें।
  6. लाभार्थियों में से 1 से 2% का सत्यापन बीमा कंपनी के प्रधान कार्यालय/केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त स्वतंत्र एजेंसियों/राष्ट्रीय स्तर की निगरानी समिति द्वारा किया जा सकता है और वे आवश्यक रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेजेंगें।
  7. इसके अलावा, जिला स्तरीय निगरानी समिति (DLMC) जो पहले से ही चल रही फसल बीमा योजनाओं जैसे राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एनएआईएस), मौसम आधारित फसल बीमा योजना (WBCIS), संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (MNAIS) और नारियल पाम बीमा योजना (CPIS) के कार्यान्वयन और निगरानी की देखरेख कर रही है, योजना के उचित प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होगी।
  8. वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप्प
वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप्प

(Web Portal and Mobile App)

भारत सरकार ने हाल ही में बेहतर प्रशासन, समन्वय, जानकारी के समुचित प्रचार-प्रसार और पारदर्शिता के लिए एक बीमा पोर्टल शुरू किया है।

एक एंड्रॉयड आधारित फसल बीमा ऐप्प भी शुरू किया गया है जो फसल बीमा, कृषि सहयोग और किसान कल्याण विभाग (डीएसी एवं परिवार कल्याण) की वेबसाइट https://www.pmfby.gov.in/ से डाउनलोड किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

(How to register Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana?)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में पंजीकरण करने के लिए निम्नलिखित कदमों का पालन करें:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: आपको PMFBY में पंजीकरण करने के लिए अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके लिए आप ग्रामीण बीमा निगम की वेबसाइट पर जा सकते हैं।
  2. “आवेदन पंजीकरण” सेक्शन चुनें: वेबसाइट पर, “ऑनलाइन सेवाएं” या “आवेदन पंजीकरण” सेक्शन चुनें।
  3. योजना चयन करें: आपको पंजीकरण करने के लिए उपलब्ध सभी योजनाओं में से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का चयन करें।
  4. पंजीकरण फॉर्म भरें: आपको ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरनी होगी। यह जानकारी आपके परिवार, खेत, फसल, आदि के बारे में हो सकती है।
  5. आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें: आपको अपनी पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण, और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ को स्कैन करके अपलोड करना हो सकता है।
  6. सबमिट करें: फॉर्म भरने के बाद, आपको आवेदन सबमिट करना होगा। इसके बाद, एक पंजीकरण संख्या या आवेदन स्थिति प्राप्त होगी, जिसका उपयोग आप अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।
  7. प्रीमियम भुगतान: जब आपका पंजीकरण संपन्न हो जाएगा, आपको निर्धारित प्रीमियम का भुगतान करना होगा। इसे आप ऑनलाइन या अन्य स्वीकृत भुगतान तरीकों का उपयोग करके कर सकते हैं।

इसके बाद, आपका पंजीकरण पूरा हो जाएगा और आपको योजना के अंतर्गत फसल बीमा का लाभ मिलेगा। यदि आपको किसी भी स्टेज में सहायता की आवश्यकता है, तो आप स्थानीय कृषि विभाग या बीमा निगम से संपर्क कर सकते हैं।

About the author

Trending News

Leave a Comment