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Income Tax: नए कर नियम कैलकुलेटर 2024-25 – ₹7.80 लाख तक कर मुक्त! जानें शून्य कर की कैलकुलेशन

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Income Tax: नए कर नियम कैलकुलेटर 2024-25 – ₹7.80 लाख तक कर मुक्त! जानें शून्य कर की कैलकुलेशन

नए कर नियम कैलकुलेटर 2024-25:

New Tax Rules Calculator 2024-25: कुछ वर्ष पहले, वित्त वर्ष 2020-21 में सरकार ने एक नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) की शुरुआत की थी। इस नए नियम के तहत आयकर के स्लैब्स को बढ़ाया गया, लेकिन कर दरों में कमी की गई।

New Tax Rules Calculator 2024-25

वर्तमान वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें, इस बार नए कर नियम का चयन करने वालों को ₹7 लाख तक कोई कर नहीं लगेगा। सरकार ने तो ₹7 लाख तक की सैलरी पर नए कर नियम में कर छूट दी है, लेकिन अगर आपकी सैलरी ₹7.80 लाख तक है, तो भी नए कर नियम में आपको लाभ होगा। चलिए समझते हैं कैसे।

पुरानी कर नियम की तुलना में, सरकार ने नए कर नियम को आकर्षक बनाने के लिए कुछ बदलाव किए हैं। इसमें, ₹3 लाख तक कोई कर नहीं चुकाना होगा। अगर आपकी आय ₹7 लाख तक है, तो ₹3-7 लाख तक की बची हुई ₹4 लाख पर कर छूट मिलेगी, और सरकार ने इसे और आकर्षक बनाने के लिए दो तरह के डिडक्शन दिए हैं।

स्टैंडर्ड डिडक्शन, नए कर नियम कैलकुलेटर 2024-25

नौकरीपेशा लोगों को पुरानी कर नियम में ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। इसका मतलब है कि आपकी सैलरी जो भी हो, ₹50,000 पर कोई कर नहीं देना होगा। पिछले बजट में इसे नए कर नियम में भी शामिल कर लिया गया है। इसके कारण, ₹7.50 लाख तक की सैलरी पर कोई कर नहीं लगेगा, क्योंकि ₹50,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन की वजह से आपकी कर योग्य आय कम हो जाएगी।

Corporate National Pension System

आप अपने नौकरीदाता के माध्यम से कॉरपोरेट नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करके स्टैंडर्ड डिडक्शन के ऊपर कुछ अतिरिक्त छूट पा सकते हैं। किसी भी कर्मचारी को एनपीएस पर मिलने वाली कर छूट, वह 80CCD के तहत होती है। इसमें दो सब-सेक्शन होते हैं – 80CCD(1) और 80CCD(2), और 80CCD(1) के एक और सब सेक्शन हैं 80CCD(1B)।

Income Tax

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80CCD(1) के तहत आप 1.5 लाख रुपये और 80CCD(1B) के तहत 50 हजार रुपये की छूट पा सकते हैं, लेकिन 80CCD(2) आपको इस 2 लाख रुपये के भी ऊपर निवेश में कर छूट देगा।

80CCD(2) के तहत कैसे मिलेगी अतिरिक्त छूट?

इसके तहत आपको एंप्लॉयर की तरफ से आपके एनपीएस में किए गए निवेश पर छूट मिलेगी। यह निवेश आपकी टैक्सेबल इनकम से कम हो जाएगी, जिससे आपको टैक्स देने में छूट मिलेगी। इसके तहत, प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 10 फीसदी तक एनपीएस में निवेश कर सकते हैं और इस पर उन्हें टैक्स छूट मिलेगी, जबकि सरकारी कर्मचारी इसे 14 फीसदी तक निवेश कर सकते हैं। 7.80 लाख तक की सैलरी होगी टैक्स  फ्री?

मान लेते हैं कि आपकी सैलरी ₹7.80 लाख है। ऐसे में आपकी बेसिक सैलरी आपके सीटीसी का कम से कम 50 फीसदी होगा, जिससे आपकी बेसिक सैलरी ₹3.90 लाख होगी। 80CCD(2) के तहत आप अपने एंप्लॉयर से कॉरपोरेट एनपीएस अकाउंट में इसका 10 फीसदी, यानी ₹39,000 तक निवेश कर सकते हैं, जिस पर आपको कोई कर नहीं देना होगा।

इस रूप में, अगर आपकी सैलरी ₹7.80 लाख है तो आपको ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन और ₹39,000 के कॉरपोरेट एनपीएस पर कर छूट मिलेगी। इस प्रकार, आपको कुल ₹89,000 तक का डिडक्शन मिलेगा, जिससे आपकी टैक्सेबल इनकम ₹7 लाख से कम कम (₹6.91 लाख) रह जाएगी और आपको कोई कर नहीं देना होगा।

कैसे इस छूट को प्राप्त करें?

अधिकांश कंपनियां एनपीएस की सुविधा प्रदान करती हैं। आप अपनी कंपनी के एचआर से बात करके एनपीएस में निवेश करवा सकते हैं। यह निवेश आपकी बेसिक सैलरी से होता है और इससे आपकी मिलने वाली इनहैंड सैलरी कम हो जाएगी। इस सुविधा से आप अतिरिक्त कर छूट प्राप्त कर सकते हैं अच्छी बात ये रहेगी कि आप अतिरिक्त टैक्स छूट पा सकेंगे अगर आपकी कंपनी में एनपीएस की सुविधा नहीं है तो एक बार एचआर से बात करें, वह आपको इस पर गाइड करेंगे।

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